Narazgi Shayari

Narazgi Shayari in Hindi – नाराज़गी शायरी हिंदी में


Sometimes in life, people we love the most get angry with us. It feels really weird and sad inside, like your heart is heavy. Narazgi Shayari is all about these feelings, the moments when someone you care about is upset and you just don’t know what to do.

These नाराज़गी शायरी help express that pain and confusion in words. They are short, simple, but they hit deep, making it easy to share your feelings with friends, family, or someone special. When words fail, Shayari speaks your heart.

2 Lines Narazgi Shayari in Hindi

तेरी नाराज़गी ने आज दिल को छू लिया,
ना जाने कैसे तूने मुस्कान को रूठा लिया।

कुछ कह न सके हम, तू भी कुछ कह न सका,
इस खामोशी में हर प्यार का रंग फीका हो गया।

नाराज़गी तेरी दिल की खिड़कियों में छाई,
हर बात में अब बस तेरी याद आई।

तेरी नाराज़गी ने हमें खुद से दूर किया,
शायद अब ये रिश्ता बस यादों में छुपा लिया।

रूठना भी तेरा एक अजीब सा हुनर है,
दिल को चोट पहुँचाकर फिर भी प्यार भरता है।

नाराज़गी तेरी चुपचाप दिल में बैठी,
हर हँसी अब तेरे बिना अधूरी सी लगी।

तू नाराज़ है तो लगता है सब सुनसान है,
तेरी खामोशी में ही मेरा जहान है।

मनाना चाहा तुझे, पर रास्ता खो गया,
तेरी नाराज़गी ने सब रंग फीका कर दिया।

हर बात में तेरी नाराज़गी का असर है,
दिल में छुपा दर्द अब शब्दों में भर है।

तेरी खामोशी में बस सवाल रहते हैं,
कब मुस्कुराएगी तू, ये अरमान रहते हैं।

नाराज़गी तेरी समझ से परे है,
दिल मेरा अब तेरे बिना अधूरा है।

तू रूठी है तो लगता है सब रुक गया,
तेरी मुस्कान की कमी ने सब खामोश कर दिया।

नाराज़गी तुझसे, पर प्यार भी तुझ में ही है,
तेरी खामोशी में ही मेरी जिन्दगी कही है।

तेरी नाराज़गी का असर दिल पर भारी है,
हर खुशी तेरे बिना बस ख्वाब ही लगती है।

तुझसे लड़ना भी अब अधूरी सी लगती है,
तेरी नाराज़गी में ही सब बातें रुकती हैं।

तू नाराज़ है तो लगता है सब रंग फीके हैं,
तेरे बिना हर लम्हा अब खाली-खाली लगे हैं।

मनाना चाहूँ तो शब्द नहीं मिलते,
तेरी नाराज़गी में सब रास्ते कटते हैं।

तेरी नाराज़गी ने दिल को इतना छू लिया,
जैसे कोई खामोशी में प्यार का साज़ बजा लिया।

नाराज़गी तुझसे, पर ख्याल तेरा हर पल है,
तेरी चुप्पी में भी अब मेरा दिल पलता है।

तेरी नाराज़गी के बाद हर बात अधूरी है,
तेरी मुस्कान ही अब मेरी पूरी कहानी है।

नाराज़गी तुझसे, पर प्यार भी तुझमें ही है,
तेरी हर खामोशी में मेरी दुनिया बसती है।

तेरी नाराज़गी ने सिखाया ये ग़ज़ब का खेल,
रूठ कर भी तू है सबसे प्यारा मेला।

Dard Narazgi Shayari

तेरी नाराज़गी ने दिल को रुला दिया,
हर याद अब बस दर्द सा बना दिया।

तेरे रूठने का असर दिल में भारी है,
हर पल तेरा ख्याल अब मेरी तकलीफ सारी है।

नाराज़गी तेरी जैसे चुभती हुई रेत,
हर लम्हा दिल में छोड़ती जले हुई चोट।

तू रूठा तो लगा सब कुछ थम गया,
तेरी खामोशी ने हर खुशी खत्म कर दिया।

तेरी नाराज़गी का दर्द हर सांस में है,
तेरी यादों में अब हर रात खास में है।

रूठकर तू गई, दर्द साथ छोड़ गई,
तेरी खामोशी में मेरी दुनिया खो गई।

तेरी नाराज़गी का जहर अब तक बाकी है,
हर हँसी मेरी अधूरी और फीकी बाकी है।

जब तू रूठी, सब रंग फीके लगने लगे,
तेरी याद में अब सिर्फ आँसू बहने लगे।

तेरी नाराज़गी का दर्द बयां नहीं होता,
हर लम्हा दिल अब तुझसे रूठा हुआ रोता।

दर्द तेरी नाराज़गी में अब बसता है,
हर सांस मेरे लिए तेरे बिना अधूरा लगता है।

तू रूठी और मैं बस खामोश हो गया,
तेरी नाराज़गी का बोझ मेरी रूह में रह गया।

तेरी नाराज़गी की आग हर दिल में लगी,
तेरी याद में मेरी हर खुशी बुझी सी लगी।

जब तू रूठी, तो सब कुछ अधूरा लगने लगा,
तेरी नाराज़गी ने हर ख्वाब टूटने लगा।

तेरी चुप्पी में दर्द ने घर बना लिया,
तेरी नाराज़गी ने हर जख्म गहरा कर लिया।

दर्द तेरी नाराज़गी का अब मेरी पहचान है,
हर धड़कन में बस तेरा नाम कहान है।

तू रूठी और मेरी दुनिया बदल गई,
तेरी नाराज़गी में मेरी खुशियाँ घुल गई।

तेरी नाराज़गी के बाद दिल तन्हा सा है,
तेरी याद में अब हर पल दवा सा है।

रूठना तेरा अब भी दिल को चुभता है,
तेरी नाराज़गी में हर सपना रुकता है।

तेरी नाराज़गी ने मेरी हँसी चुरा ली,
तेरी यादों में अब बस दर्द का दीया जलती है।

जब तू रूठी, दिल का हर रंग फीका हुआ,
तेरी नाराज़गी में मेरी दुनिया सीनी फटी हुई।

तेरी नाराज़गी अब मेरी आदत बन गई,
तेरी याद में हर खुशी बस दर्द बन गई।

Husband Love Narazgi Shayari

तू नाराज़ है मुझसे, तो दिल भारी है,
तेरे बिना हर पल लगता है अधूरी प्यारी है।

तेरी नाराज़गी ने घर की रौनक छीन ली,
तेरी मुस्कान ही अब मेरी दुनिया है जीली।

रूठकर भी तू मेरी आँखों में बसती है,
तेरी नाराज़गी में ही मेरी खुशियाँ पलती है।

तेरी खामोशी का असर दिल में गहरा है,
हर लम्हा बस तुझसे प्यार ही मेरा सपना है।

तू रूठी तो घर भी उदास हो गया,
तेरी नाराज़गी ने मेरा दिल रुला दिया।

तेरी नाराज़गी ने हर बात में दरार डाल दी,
तेरे प्यार ने फिर भी दिल मेरा संभाल दी।

जब तू नाराज़ होती है, तो चुप्पी भी बोलती है,
तेरी हर मुस्कान मेरी रूह को ढोलती है।

तू रूठी, पर मेरा प्यार न कम हुआ,
तेरी नाराज़गी में भी मेरा दिल तुझ पे रुका हुआ।

तेरी नाराज़गी ने सिखाया ये खेल,
रूठकर भी तू मेरी सबसे प्यारी मेला।

तेरी नाराज़गी में भी मोहब्बत दिखती है,
हर झगड़े के बाद तेरा प्यार सच्ची खिलती है।

तू रूठकर भी मुझे प्यार का सबक देती है,
तेरी नाराज़गी में भी तू हर घड़ी संग रहती है।

तेरी खामोशी में मेरा दिल बहक जाता है,
तेरी नाराज़गी में मेरा प्यार झलक जाता है।

जब तू नाराज़ होती है, सब रंग फीके लगते हैं,
तेरी हँसी की कमी में घर सूने लगते हैं।

तेरी नाराज़गी के बाद भी मेरा प्यार कायम है,
हर लम्हा तेरे बिना मेरा दिल थाम है।

तू रूठी तो लगता है सब कुछ अधूरा है,
तेरी नाराज़गी में ही प्यार का मज़ा पूरा है।

तेरी नाराज़गी में भी मोहब्बत की खुशबू है,
तेरी याद में अब मेरा हर पल तुझसे जुड़ा हुआ है।

रूठना तेरा भी प्यार में अदा बन गया,
तेरी नाराज़गी में मेरा दिल तेरे पास चला गया।

तू नाराज़ है, पर प्यार में गहराई है,
तेरी खामोशी में भी मेरी मोहब्बत की परछाई है।

जब तू रूठी, तो घर की रौनक थम गई,
तेरी नाराज़गी में मेरी दुनिया झूम गई।

तेरी नाराज़गी में भी मोहब्बत मुस्कुराती है,
तेरी याद में मेरी रूह गुनगुनाती है।

तू रूठी तो लगता है सब कुछ रुक गया,
तेरी नाराज़गी में मेरा दिल भी थम गया।

तेरी नाराज़गी सिखाती है प्यार का सच,
रूठ कर भी तू मेरी जिंदगी का सबसे हसीन हिस्सा है।

Dost Se Narazgi Shayari

दोस्ती में रूठना भी तेरा अलग अंदाज़ है,
तेरी नाराज़गी में मेरा हर पल उदास है।

जब दोस्त रूठे तो हर लम्हा खाली सा लगे,
तेरी खामोशी में दिल मेरा अकेला सा भले।

दोस्ती में तेरी नाराज़गी ने छेड़ा दर्द का खेल,
तेरी याद में ही अब हर पल मेरा दिल ढ़ल।

तू रूठा तो दिल भी खामोश हो गया,
तेरी नाराज़गी ने मेरा हर रंग फीका कर दिया।

दोस्ती में तेरी नाराज़गी का असर भारी है,
तेरी हँसी ही अब मेरी राहत की दवाइयां है।

तू रूठा तो हर बात अधूरी लगने लगी,
तेरी याद में मेरी खुशियाँ खोने लगी।

दोस्ती में तेरी खामोशी का बोझ भारी है,
तेरी नाराज़गी ने हर पल मेरा दिल खाली कर दिया।

दोस्ती में रूठना भी तेरा खास अंदाज़ है,
तेरी नाराज़गी में दिल मेरा अब उदास है।

जब तू नाराज़ होता है, लगता है सब रुक गया,
तेरी याद में मेरा हर पल भी थम गया।

दोस्ती की राह में तू रूठा तो राह थम गई,
तेरी नाराज़गी ने मेरी खुशियाँ घुम गई।

तू नाराज़ है तो लगता है सब रंग फीके हैं,
तेरी हँसी की कमी में दोस्ती के पल सूने हैं।

दोस्ती में तेरी नाराज़गी का असर दिल पर भारी है,
तेरी याद में हर खुशी अधूरी और अधूरी प्यारी है।

दोस्ती में तेरी खामोशी हर लम्हा बताती है,
तेरी नाराज़गी में हर याद तड़पाती है।

जब दोस्त रूठे तो दिल भी चुप हो जाता है,
तेरी नाराज़गी में हर रिश्ता खुद से दूर जाता है।

दोस्ती में तेरी नाराज़गी भी एक सबक है,
तेरी याद में अब हर दर्द भी मेरे साथ है।

तू नाराज़ है तो लगता है सब कुछ अधूरा है,
तेरी हँसी के बिना दोस्ती भी फीकी लगती है।

दोस्ती में तेरी नाराज़गी ने दिल को छू लिया,
तेरी यादों में अब हर पल बस तड़पता है।

जब दोस्त रूठे तो हर रंग फीका हो जाता है,
तेरी नाराज़गी में दिल भी सूना सा हो जाता है।

दोस्ती में तेरी नाराज़गी ने जख्म दिए हैं,
पर तेरे बिना दोस्ती के पल अधूरे लगे हैं।

तू रूठा तो हर खुशी बेरंग लगने लगी,
तेरी नाराज़गी में दोस्ती मेरी अधूरी लगने लगी।

Pyar Me Narazgi Shayari

तेरी नाराज़गी ने दिल को बहुत चुभाया,
हर ख्वाब अब तेरे बिना अधूरा रह गया।

प्यार में तेरी रूठी मुस्कान का असर भारी है,
तेरी खामोशी ने दिल को तन्हा कर दिया।

जब तू नाराज़ होती है, हर लम्हा सुना लगता है,
तेरी यादों में ही अब मेरा दिल ढूढ़ता है।

तेरी नाराज़गी में मेरी दुनिया थम सी गई,
तेरे बिना हर खुशी अब बस अधूरी लग गई।

प्यार में तेरी खामोशी भी अब सिखाती है,
तेरी नाराज़गी में भी मोहब्बत खिलती है।

तू रूठी तो लगता है सब रंग फीके हैं,
तेरी मुस्कान के बिना सब पल सूने हैं।

तेरी नाराज़गी ने दिल को जख्म दिया,
तेरी यादों ने हर घाव को भर दिया।

तेरी खामोशी में मेरा दिल उलझा सा है,
तेरी नाराज़गी में ही मेरी मोहब्बत बसा है।

प्यार में तेरी नाराज़गी का असर दिल पर भारी है,
तेरी मुस्कान ही अब मेरी राहत की दवाई है।

जब तू नाराज़ होती है, सब रंग फीके लगते हैं,
तेरी हँसी के बिना हर पल सूना लगता है।

तेरी नाराज़गी ने मोहब्बत को और गहरा किया,
तेरी यादों में हर दर्द भी मीठा सा दिखा।

प्यार में तेरी रूठन ने दिल को थमा दिया,
तेरी खामोशी ने हर ख्वाब मेरा छुपा दिया।

तू नाराज़ है तो लगता है सब कुछ अधूरा है,
तेरी मुस्कान के बिना प्यार भी फीका सा है।

तेरी नाराज़गी ने मेरे दिल की राहें बदल दीं,
हर पल तेरी यादों में ही अब बस मेरी दुनिया चली।

प्यार में तू रूठी, पर मेरा दिल कम नहीं हुआ,
तेरी नाराज़गी में भी मेरा प्यार सच्चा दिखा।

तू नाराज़ है, पर प्यार में गहराई है,
तेरी याद में ही मेरी हर खुशी समाई है।

तेरी नाराज़गी ने सिखाया प्यार का सच,
रूठकर भी तू मेरी दुनिया की सबसे हसीन हिस्सा है।

जब तू रूठी तो हर खुशी अधूरी लगने लगी,
तेरी नाराज़गी में ही मेरा हर पल रंगीन लगने लगी।

प्यार में तेरी नाराज़गी भी दिल को छू जाती है,
तेरी यादों में मेरी रूह हर घड़ी जुड़ जाती है।

तेरी नाराज़गी में भी मोहब्बत की मिठास है,
तेरी यादों में ही मेरी हर खुशियों की आस है।

Apno Se Narazgi Shayari

अपनों से नाराज़गी का दर्द कुछ अलग सा है,
दिल में छुपा हर ग़म अब सिर्फ तेरे पास है।

अपनों से नाराज़ होकर भी यादें प्यारी हैं,
उनके बिना दुनिया भी सुनी और खाली लगती है।

तेरी खामोशी ने घर में सन्नाटा फैला दिया,
अपनों की नाराज़गी ने हर रंग फीका कर दिया।

अपनों से नाराज़गी में दिल तन्हा सा होता है,
हर खुशी अब बस दर्द में ढली सी होती है।

जब अपनों ने मुँह मोड़ा, तो सब बदल गया,
उनकी नाराज़गी ने मेरा जहां बदल गया।

अपनों की नाराज़गी में मोहब्बत भी रो पड़ती है,
उनकी यादों में हर खुशी खो सी जाती है।

रूठे अपनों की खामोशी सबसे ज्यादा चुभती है,
दिल में उनके बिना हर राह सुनी लगती है।

अपनों से नाराज़ होने का एहसास अलग होता है,
हर बात में अब उनका नाम बस याद आता है।

उनकी नाराज़गी ने दिल को जख्म दे दिया,
पर उनके बिना जीवन भी अधूरा लगने लगा।

अपनों की नाराज़गी में हर ख्वाब फीका लगता है,
उनकी मुस्कान के बिना सब कुछ सूना लगता है।

जब अपनों ने रूठकर दरवाजे बंद कर दिए,
दिल में उनकी यादों ने आँसू बहा दिए।

उनके रूठने से घर की रौनक छीन गई,
अपनों की नाराज़गी ने मेरे दिल को दुखा दिया।

अपनों की नाराज़गी में भी प्यार की मिठास है,
उनकी यादों में ही जीवन की असली खासियत है।

जब अपनों ने मुँह मोड़ा, तो सब रंग फीके हुए,
उनकी नाराज़गी में दिल के सारे ख्वाब टूटे हुए।

अपनों की नाराज़गी में दिल की धड़कन थम सी गई,
उनके बिना हर लम्हा अब सूना सा लगने लगा।

रूठे अपनों की खामोशी भी अब ग़म बन गई,
उनकी यादों में मेरी तन्हाई बस गई।

अपनों की नाराज़गी ने रिश्तों को परखा,
दिल में अब हर घाव उनकी याद में ढला।

उनके रूठने से मेरी दुनिया अधूरी हो गई,
अपनों की नाराज़गी ने हर खुशी छीनी।

अपनों से नाराज़ होकर भी दिल में प्यार बाकी है,
उनकी यादों में ही अब मेरी रूह साकी है।

जब अपनों ने मनाना छोड़ा, दिल गुम सा हो गया,
उनकी नाराज़गी ने मेरा हर रंग फीका कर दिया।

रूठकर भी अपनों की याद दिल में बसती है,
उनकी नाराज़गी में हर खुशी अधूरी लगती है।

अपनों से नाराज़गी का असर सबसे गहरा होता है,
उनके बिना जीवन का हर पल सुना लगता है।

So basically, Narazgi Shayari is a nice way to show how we feel when someone close is upset with us. It helps to express our pain, sorry, or love in words, even when we can’t say it face to face. Sharing these Shayaris can make the heart feel little lighter and maybe even bring smiles again.


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