Nafrat Shayari – नफ़रत शायरी हिंदी में
Sometimes people feel really hurt or angry, and that feeling is called nafrat. It’s like when someone close does something wrong, or trust is broken, and you start feeling bad inside. Everyone has these feelings, but expressing them is not easy.
This is why Nafrat Shayari comes handy. It’s like putting all the pain, anger, and tension into short lines that tell your heart. Reading or sharing it sometimes makes you feel lighter, like someone understands your feelings.
Table of Contents
Nafrat Shayari in Hindi 2 Line
नफ़रत के ये रंग भी अजीब हैं,
जिससे प्यार था वही अब है जलील हैं।
तुझे देख कर जीना अब भारी लगता है,
तेरी नफ़रत भी मेरे लिए कहानी बन जाती है।
नफ़रत के भी अपने अजीब किस्से हैं,
जो दिल को जलाते हैं, वही यादों में बसते हैं।
अब तो तेरा नाम भी गुस्सा दिलाता है,
तेरी नफ़रत ही मेरा दर्द बतलाता है।
नफ़रत की आग में जलते हैं अरमान,
तेरी याद में बिखरते हैं हर इंसान।
तेरी नफ़रत ने मेरी राहें बदल दी,
जो कभी हंसते थे, आज वही मुँह फेर ली।
प्यार का क्या किया, सब धुल गया,
तेरी नफ़रत ही अब सबसे सच लग रहा।
नफ़रत की इन लहरों में खो गया मैं,
तेरे बिना खुद से भी रूठ गया मैं।
तेरी नफ़रत ने सब रिश्ते तोड़ दिए,
मेरी दुनिया के रंग सब बेरंग कर दिए।
जो कभी मेरे लिए थे खास, अब दुश्मन बन गए,
तेरी नफ़रत ने ही मुझे तन्हा कर गए।
नफ़रत के ये लफ़्ज़ भी अजीब हैं,
दिल को चीरते हैं, फिर भी याद आते हैं।
नफ़रत की राह पर अब मैं चल पड़ा,
जो प्यार था कभी, वो सब खो गया।
दिल में कहीं दर्द छुपा है,
तेरी नफ़रत ही वो आग जगा है।
नफ़रत की बातें अक्सर दिल जलाती हैं,
जो कभी मुस्कान थी, अब याद दिलाती हैं।
तुझे देख कर अब हँसना मुश्किल है,
तेरी नफ़रत की दीवारें बहुत ऊँची हैं।
प्यार की खुशबू अब हवा में नहीं,
तेरी नफ़रत ही बस मेरी राह में है।
नफ़रत की ये आग भी अजीब खेल खेलती है,
जो कभी थी अपनी, वही अब पराई लगती है।
तेरी नफ़रत ने सिखा दिया मुझे,
सिर्फ खुद से प्यार करना सही है।
नफ़रत की इन छांव में कोई सुकून नहीं,
हर याद में बस दर्द ही है और हैरानी।
जो कभी दिल के करीब था, अब दूर है,
तेरी नफ़रत की वजह से हर खुशी अधूर है।
नफ़रत भी अजीब एहसास है,
जो दिल में रहती है, वही दर्द बन जाती है।
प्यार का जो मौसम था, अब बेमौसम है,
तेरी नफ़रत ने मेरी दुनिया बेरंग कर दी।
Attitude Nafrat Shayari
ना मैं बदलूँगा तेरी नफ़रत के लिए,
ना ही झुकूँगा किसी के दबाव के लिए।
तेरी नफ़रत से फर्क नहीं पड़ता मुझको,
मेरे अटिट्यूड ने सबको सीधा सिखाया है।
नफ़रत करने वाले खामोश रहते हैं,
अटिट्यूड वाले हमेशा सबसे अलग दिखते हैं।
तेरी नफ़रत मेरी पहचान को छीन नहीं सकती,
मेरा अटिट्यूड मेरी शान है, ये सब जानते हैं।
जो नफ़रत करते हैं, उनकी दुनिया छोटी होती है,
अटिट्यूड रखने वाले हर जगह बड़ी छाप छोड़ते हैं।
तेरी नफ़रत मेरे लिए सिर्फ हँसी है,
अटिट्यूड की आग में वो खुद ही जल जाएगी।
नफ़रत से डरने वाले कमज़ोर हैं,
अटिट्यूड वाले कभी पीछे नहीं हटते।
तेरा गुस्सा और मेरी नफ़रत,
अटिट्यूड वाला खेल दोनों जीत जाता है।
नफ़रत की आग में जलना मुझे आता है,
अटिट्यूड में जीना मैंने सीख लिया है।
तेरी नफ़रत मेरे अटिट्यूड को नहीं हरा सकती,
मैं वो हूँ जो हर मुश्किल में भी चमकता है।
अटिट्यूड है मेरा, नफ़रत भी सीख चुकी है,
जो आए सामने, वही मेरी कहानी सुनेगी।
नफ़रत करने वाले सिर्फ बातें करते हैं,
अटिट्यूड वाले कामों से सबको दिखा देते हैं।
नफ़रत की बारिश से डरना क्या,
अटिट्यूड का सूरज हर दिन चमकता है।
तुझे गुस्सा है तो अच्छा है,
मेरा अटिट्यूड और नफ़रत दोनों ही सिखा देते हैं।
नफ़रत की बातें मुझे नहीं रोक सकतीं,
अटिट्यूड वाली राहें हमेशा खुली रहती हैं।
तेरी नफ़रत को मैं अपनी ताकत बनाता हूँ,
अटिट्यूड से हर मुश्किल पार पाता हूँ।
नफ़रत करने वाले पीछे रह जाते हैं,
अटिट्यूड वाले हमेशा सबसे आगे दिखते हैं।
मेरा अटिट्यूड किसी के कम नहीं,
तेरी नफ़रत सिर्फ मेरी राह सजाती है।
नफ़रत से डरना मुझे नहीं आता,
अटिट्यूड के दम पर मैं सबको दिखाता हूँ।
तेरी नफ़रत मेरे लिए चुनौती है,
अटिट्यूड मेरी जीत की निशानी है।
नफ़रत करने वाले सिर्फ निगाहें घुमाते हैं,
अटिट्यूड वाले कामों से सबको चौंकाते हैं।
नफ़रत चाहे जितनी भी गहरी हो,
अटिट्यूड का जलवा हमेशा सबसे ऊपर होगा।
Rishte Nafrat Shayari
रिश्तों की खामोशी में भी दर्द छुपा है,
तेरी नफ़रत ने उसे बस यादों में ढूंढा है।
जो रिश्ता कभी हँसी में बंधा था,
आज उसी में नफ़रत का साया घिरा है।

नफ़रत ने रिश्तों की राहें बदल दी,
जो पास थे कभी, अब दूर नजर आते हैं।
नफ़रत के इस मौसम में, रिश्ते भी अजनबी लगते हैं,
जो कभी करीब थे, अब उनसे डर लगता है।
रिश्तों की मिठास अब धुंधली हो गई,
तेरी नफ़रत ने सब रंग फीके कर दिए।
जो रिश्ते कभी दिल के करीब थे,
आज वही नफ़रत की वजह से पराए लगते हैं।
नफ़रत ने रिश्तों की किताब उलट दी,
जो पन्ने गुलाबी थे, अब धूल में दब गए।
रिश्तों की ये डोर अब कमजोर हो गई,
तेरी नफ़रत ने हर कड़ी तोड़ दी।
प्यार की बातें अब सिर्फ याद बन गईं,
रिश्तों में नफ़रत ने हर खुशी चुराई।
जो रिश्ता निभाना आसान था कभी,
नफ़रत ने उसे जंगली राह बना दिया।
नफ़रत के साये में रिश्ते अधूरे लगते हैं,
जो कभी पूरी थीं, अब खाली रह जाते हैं।
रिश्तों की खुशबू अब बस यादों में है,
तेरी नफ़रत ने सब रंग फीके कर दिए हैं।
नफ़रत का जहर अब रिश्तों में घुल गया,
जो कभी मीठा था, अब उसका नाम भी नहीं बचा।
रिश्तों की मिठास अब ग़म में बदल गई,
तेरी नफ़रत ने हर दिल को ठुकरा दिया।
जो रिश्ते निभाने लायक थे,
नफ़रत ने उन्हें भी अधूरा कर दिया।
रिश्तों की राहें अब कांटों से भरी हैं,
तेरी नफ़रत ने हर कदम मुश्किल कर दिया।
नफ़रत ने रिश्तों के पुल तोड़ दिए,
जो कभी साथ थे, अब बस खामोश हो गए।
रिश्तों की दुनिया अब सुनसान सी लगती है,
तेरी नफ़रत ने हर खुशी को भगाया है।
जो रिश्ता दिल से निभाया गया,
नफ़रत ने उसे बस एक याद बना दिया।
रिश्तों की कशमकश अब खत्म नहीं होती,
तेरी नफ़रत हर बार सवाल खड़ी करती है।
नफ़रत ने रिश्तों के रंग बदल दिए,
जो कभी गुलाबी थे, अब काले हो गए।
रिश्तों की दुआ अब खाली सी लगती है,
तेरी नफ़रत ने हर उम्मीद तोड़ दी है।
जो रिश्ता कभी अपना था, वो खो गया,
तेरी नफ़रत ने उसे बस कहानी बना दिया।
Takleef Dard Nafrat Shayari
दर्द ने ये सिखाया है मुझे,
नफ़रत में भी बस अपने ही रहते हैं।
जो दिल को चीर देता है, वही नफ़रत कहलाता है,
और हर दर्द को बस यादें बतलाती हैं।
दर्द की हर साँस में तेरी यादें हैं,
नफ़रत भी अब बस जख्मों में रहती है।
नफ़रत के साये में दिल जलता है,
हर खुशबू अब बस दर्द में मिलती है।
तूने जो नफ़रत दी, वो गहरी थी,
मेरे दिल का हर कोना उससे खौफ खाता है।
दर्द की आग में अब मैं भी जल गया,
तेरी नफ़रत ने मेरे अरमान तोड़ दिए।
नफ़रत की बातें अब हर पल साथ हैं,
दर्द की ये लकीरें अब दिल के पास हैं।
जो प्यार था कभी, वो अब बस दर्द है,
तेरी नफ़रत की छाया ही अब मेरी चाहत है।
दर्द ने सिखाया है, नफ़रत भी साथ होती है,
जो दिल में रहती है, वही याद बन जाती है।
नफ़रत की राहें भी अजीब हैं,
हर मोड़ पर दर्द बस खड़ा रहता है।
दर्द की छाँव में अब नफ़रत का रंग है,
तेरी यादें बस मेरे दिल को चीरती हैं।
नफ़रत ने हर ख्वाब को तोड़ दिया,
दर्द की चादर में सब कुछ छुपा दिया।
दर्द भी अब नफ़रत से सज गया,
जो कभी हँसते थे, अब वो भी थम गए।
नफ़रत की आग में दिल जलता रहा,
दर्द की इन लहरों में मैं खोता रहा।
तेरी नफ़रत ने मेरी दुनिया बदल दी,
दर्द के साये ने हर खुशी छीन ली।
दर्द और नफ़रत अब मेरे साथ हैं,
जो कभी थे अपने, अब वो भी खास नहीं।
नफ़रत की इन गलियों में अकेला हूँ,
दर्द की हर सांस अब सिर्फ मेरा है।
दर्द की हर चुभन में तेरी याद है,
नफ़रत ने मेरी जिंदगी बस इतनी बर्बाद है।
जो दिल को चोट देती है, वही नफ़रत है,
दर्द में बस यादों की आहट रहती है।
नफ़रत की आग में जलते अरमान हैं,
दर्द की इन धड़कनों में छुपे जहान हैं।
तेरी नफ़रत ने मेरी दुनिया फीकी कर दी,
दर्द की इस तन्हाई में बस मैं रह गया।
दर्द और नफ़रत अब मेरे दोस्त हैं,
जो कभी थे अपना, अब सब खो गए।
नफ़रत की ये कहानी अब बस याद बन गई,
दर्द की इन लकीरों में हर खुशी खो गई।
Khud se Nafrat Shayari
खुद से नफ़रत होती है जब हर कोशिश फेल हो,
लेकिन फिर भी जीना पड़ता है हर पल।
अपने ही दिल से लड़ना सबसे मुश्किल है,
खुद से नफ़रत में भी अकेलापन सच्चा है।
कभी लगता है, मैं ही अपनी सबसे बड़ी भूल हूँ,
खुद से नफ़रत में यही सच्चाई छुपी हुई है।
खुद की गलती से खुद ही नाराज़ हूँ,
ना कोई दोस्त, ना कोई सहारा पास है।
नफ़रत मेरी खुद से, प्यार की कमी है,
हर जीत के पीछे भी खुद की गलती दिखती है।
अपने ही आईने में खुद से लड़ता हूँ,
खुद की नफ़रत में खुद को खो देता हूँ।
जो दिल को सबसे करीब था, वही मुझसे दूर है,
खुद से नफ़रत ने मेरी खुशी चुराई है।
खुद की आँखों में सवाल बहुत हैं,
खुद से नफ़रत में जवाब भी खो गए हैं।
कभी लगता है, मैं ही अपनी दुनिया का दुश्मन हूँ,
खुद से नफ़रत का ये खेल अब बस चलता है।
अपनी कमजोरियों से खुद ही लड़ता हूँ,
खुद से नफ़रत में हर पल चुप रहता हूँ।
हर दिन खुद को सवालों में पाता हूँ,
खुद से नफ़रत के बीच भी जीना चाहता हूँ।
अपने ही डर ने मुझे रोक रखा है,
खुद से नफ़रत में भी दिल टूटता है।
कभी-कभी लगता है, मैं ही अपनी सबसे बड़ी गलती हूँ,
खुद से नफ़रत का ये दर्द हमेशा मेरी संगति है।
खुद की आँखों में बस उदासी रहती है,
खुद से नफ़रत ने मेरी राह बदल दी है।
अपने ही ख्वाबों को खुद ही मारता हूँ,
खुद से नफ़रत में खुद को भूलता हूँ।
खुद से नफ़रत में भी सुकून की तलाश है,
हर गलती के पीछे खुद की आस है।
जो दर्द महसूस करता हूँ, वो सिर्फ खुद का है,
खुद से नफ़रत में खुद ही मेरी दुनिया है।
अपने ही दिल को मैं नहीं समझ पाया,
खुद से नफ़रत में बस खुद को खो दिया।
हर सुबह खुद को दोष देता हूँ,
खुद से नफ़रत में भी जीने की कोशिश करता हूँ।
खुद की सोच ही मेरी सबसे बड़ी जंजीर है,
खुद से नफ़रत में भी मैं खुद से डरता हूँ।
अपने ही ख्यालों में खुद से लड़ता हूँ,
खुद से नफ़रत में हर पल खुद को पाता हूँ।
Pyar se Nafrat Shayari
कभी प्यार था, अब नफ़रत में बदल गया,
जो दिल को हँसाता था, वही अब रुला गया।
तेरी मोहब्बत ने नफ़रत की राह दिखाई,
अब हर खुशी बस तन्हाई में समाई।
प्यार की बातें अब ज़हर बन गई हैं,
तेरी यादों की खुशबू अब गम बन गई है।
जो प्यार में खिलता था, वो अब काटता है,
तेरी नफ़रत ने हर ख्वाब तोड़ दिया है।
प्यार का मौसम अब सिर्फ यादों में है,
तेरी नफ़रत ने सब रंग फीके कर दिए हैं।
जो दिल में था, वही अब दर्द बन गया,
प्यार की खुशबू अब नफ़रत में समा गया।
तेरी मोहब्बत ने अब मुझे जलाया,
प्यार से नफ़रत का ये खेल रचाया।
जो कभी दिल को जीता, वो अब डराता है,
तेरी नफ़रत ने हर रिश्ता तोड़ दिया है।
प्यार में जो उम्मीद थी, वो अब बिखर गई,
तेरी नफ़रत ने मेरे ख्वाबों को मार दिया।
जो कभी दिल में था, अब साया बन गया,
प्यार से नफ़रत की ये कहानी बन गई।
तेरी मोहब्बत की छाया अब डराती है,
प्यार से नफ़रत की आग हर पल जलाती है।
प्यार की बातें अब बस यादों में हैं,
तेरी नफ़रत ने हर खुशी पर रोक लगाई है।
कभी तुझसे मोहब्बत थी, अब नफ़रत का नाम है,
तेरी यादों की तन्हाई ही अब मेरे पास है।
प्यार ने दिया था ख्वाबों का आसमान,
तेरी नफ़रत ने गिरा दिया हर अरमान।
जो कभी दिल को रुलाया, वो अब याद बन गया,
प्यार से नफ़रत की छाया हर कदम साथ है।
मोहब्बत की राह अब कांटों से भरी है,
तेरी नफ़रत ने मेरी दुनिया खाली कर दी।
जो दिल में था सबसे खास, अब दुश्मन सा लगे,
प्यार से नफ़रत की कहानी हर पल जगे।
तेरी मोहब्बत ने अब मेरी तन्हाई बढ़ाई,
प्यार से नफ़रत की आग ने हर उम्मीद भड़काई।
प्यार के सपने अब बस धूल में हैं,
तेरी नफ़रत ने हर खुशबू मिटा दी है।
जो कभी दिल को हँसाता था, अब दर्द देता है,
तेरी नफ़रत में हर खुशी बस छुपती है।
मोहब्बत की बारिश अब सूख गई है,
प्यार से नफ़रत की आग ने दिल जला दी है।
प्यार ने सिखाया था खुशी का नाम,
तेरी नफ़रत ने सब बदल दिया बस इन लम्हों में।
So, nafrat Shayari is just a way to show what’s in your heart. It helps you express your pain, anger, or feelings without holding it inside, and sometimes just reading it makes you feel a little better.
