Best Matlabi Shayari Collection – मतलबी शायरी हिंदी में
In life, we meet a lot of people who only care about their own interests. Sometimes it feels like everyone is close, but as soon as the benefit is over, everyone goes their own way. That’s why we have written these shayaris to show how real life and selfish people can be.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Reading matlabi shayari helps you understand how weird this world can be and how people only come when they need something. These shayaris are a little emotional, a little sad, but true, and they bring out the feelings we all keep inside.
Table of Contents
Matlabi Shayari in Hindi
काम खत्म होते ही हर अपना दूर है।
वही लोग मतलब निकलते ही दूर रहते थे।
जरूरत खत्म तो रिश्ता भी फिजूल है।
काम खत्म हुआ तो हमें बर्बाद किया।
सच्चे रिश्तों की खुशबू ही दिल में बसती।
मुश्किल वक्त में सब दूर नजर आते हैं।
रिश्तों में भी बस अपना रास्ता देखते हैं।
यहाँ लोग साथ नहीं बस काम निभाया करो।
वही मतलब के लिए हमें भुला करते थे।
थोड़ा सा सच दिखे तो टूट जाते हैं।
पर अंदर से सब मतलब की लगती हैं।
दिल ने भरोसा किया और दिल ही फिसला।
दिल नहीं बस अपना रास्ता ढूंढते हैं।
वही मतलब निकलते ही अजीब हुआ करते थे।
वक्त बदलते ही दिशा बदल लेते हैं।
रिश्तों में भी बस मतलब ही पूछता है।
मुस्कान तो होती है पर सच्चाई नहीं होती।
मतलब खत्म होते ही रास्ता बदलते हैं।
यहाँ लोग मुस्कान से भी धोखा करते हैं।
सच्चे लोग ही हर हाल में साथ चलते हैं।
Rishte Matlabi Shayari
मतलब खत्म तो हर अपना पराया है।
लोग मुस्कान में भी हिसाब रखते हैं।
काम निकलते ही सबका अलग रास्ता होता है।

मतलब के रिश्ते थे इसलिए संभल गए।
हर मुस्कान के पीछे कोई मतलब छिपती है।
सच्चे लोग हर हाल में बिछड़ते नहीं।
दिल के सारे भरोसे टूट जाते हैं।
वक्त बदलते ही रंग बदल लेते हैं।
हर किसी के दिल में बस अपना ही गम है।
मुसीबत में उनकी असली पहचान होती है।
सच्चे रिश्ते खामोशी में भी साथ देते हैं।
दिल का भरोसा खुद टूट जाता है।
मतलब निकला तो अजनबी बन बैठे।
कम से कम दिल को मजबूरी नहीं लगती है।
तो दिल भी धीरे-धीरे बदलने लगें।
अपनों के नाम पर धोखा दे जाते हैं।
भीड़ में भी इंसान अकेला होता है।
हर अपना यहाँ आधा-अधूरा होता है।
कम से कम मतलबी दुनिया से सुकून मिलती है।
Duniya Matlabi Shayari
हर मुस्कान के पीछे मतलब दिखती है।
यहाँ कोई किसी का मेहरबान नहीं।
पर अंदर से मतलब की शुरुआत होती है।
हर अपना यहाँ पराया नजर आ गया।
हर रिश्ते में अपना रास्ता देखते हैं।
यहाँ लोग मुस्कान से भी धोखा करना।
मतलब खत्म हो तो रिश्ता भी ढल जाता है।
हर कोई बस अपने मतलब से पलता।
जरूरत खत्म तो रिश्ता फिजूल है।
यहाँ लोग अपने होकर भी धोखा करना।
और झूठी बातें ही सबको भाती हैं।
सच्चे दिल अक्सर अकेले रह जाते हैं।
हर अपना यहाँ आधा-अधूरा होता है।
हर किसी के दिल में कोई सुरूर है।
मतलब निकलते ही दूर जाते हैं।
हर कदम पर भरोसा टूट जाता है।
हर साथ देने वाला अच्छा नहीं होता।
हर दिल में बस अपना ही गम मिलता है।
मतलबी लोग ही यहाँ हर दम हैं।
Dost Matlabi Shayari
मतलब निकलते ही दूध भी फेल हो गया।
यहाँ हर मुस्कान के पीछे हिसाब लगाना।
मतलब के दोस्ती का रंग दिखा गया।
दिल से रिश्ते अब कम दिखता है।
मतलब निकालते ही अजनबी बनते थे।
जरूरत खत्म हुई तो किसी ने याद न किया।
मतलब खत्म होते ही सब रास्ता बदल जाते हैं।
सच में मतलब निकले तो छूट गया हाथ।
हर मुस्कान के पीछे मतलब छिपा रहता है।
वही मतलब निकले तो पराया बनते थे।
सच्चे दोस्त खामोशी में भी साथ रहते हैं।
मतलब के दोस्त तो बस फायदा दिखाए।
मतलब ज्यादा नजर आने लगा।
पर मुश्किल में सभी कहीं खो गए।
मतलब के बाद सच भी दिखता है।
मतलब निकलते ही सब दूर चले गए।
सच्चे दोस्त हर हाल में साथ चलते हैं।
हर मुस्कान के पीछे कोई चाल होती है।
मतलब खत्म हुआ तो अजनबी सा रह गया।
हर कदम पर नजर अपना ही होता है।
मतलब निकलते ही दूर चले गए।
यहाँ हर अपना बस रास्ता ढूंढना।
Matlabi Shayari on Life
मतलब निकलते ही हर चेहरा खोता।
बस फायदा देखना और अपना रखता चाहते।
हर मुस्कान के पीछे धोखा दिखा दिया।
मतलब वाले हर हाल में दिखना है।
मतलब के रास्ते निकलते जल्दी हैं।
यहाँ हर रिश्ता बस फायदा दिखती है।
मतलब निकलते ही सब बिछड़े थे।
मतलब खत्म होने पर सब पराया होता।
हर मुस्कान में कोई चालाकी मुश्किल है।
हर अपना यहाँ आधा-अधूरा होता है।
सच्चे लोगों का साथ कम मिला है।
मतलब की राह में हर कोई निकलते हैं।
हिसाब-किताब वाला दिमाग ज्यादा काम आता है।
मतलब वाले हमेशा अपना रास्ता बनाता है।
मतलब ज्यादा लोगों में दम है।
मतलब वाले हर हाल में छुप जाएंगे।
मतलब के लोग बस अपनी रवानी है।
हर कोई अपने मतलब से चलता है।
मतलब वाले रिश्तों में बस फासला रखना सीखो।
पर मतलब निकलते ही सब अलग लगता।
सच्चाई के बिना खुशियाँ अधूरी बात।
So, matlabi shayari really shows the truth of life and how people can be selfish sometimes. It’s sad, but it also teaches us to be careful and value the people who are really with us. At the end, we just need to stay smart, keep our heart strong, and enjoy life without depending too much on others.
